पंजाब विधानसभा में नशे के मुद्दे पर चल रही बहस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एयरपोर्ट पर अपने साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर उन्हें करीब दो घंटे तक एयरपोर्ट पर रोके रखा गया। मान के मुताबिक, उनके सामान की जांच की गई, लेकिन उसमें कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि जब जांच के दौरान कुछ बरामद नहीं हुआ, तो उन्हें इतनी देर तक क्यों बैठाकर रखा गया।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कस्टम अधिकारी मनीष का जिक्र करते हुए उन्हें ज्ञानेश कुमार का भाई बताया। मान ने आरोप लगाया कि जब भी विरोधियों को मौका मिलता है, वे बदला लेने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गुजरात के बंदरगाहों से नशीले पदार्थों की बरामदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए पंजाब में नशा पहुंचने की घटनाएं सामने आती हैं, तो सीमा सुरक्षा पर सवाल उठाए जाते हैं। लेकिन गुजरात के बंदरगाहों पर कस्टम और सुरक्षा व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी कैसे हो रही है, इस पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के इन बयानों के बाद पंजाब में नशे के मुद्दे पर चल रही राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। एयरपोर्ट पर हुई कथित घटना और गुजरात के बंदरगाहों से नशीले पदार्थों की बरामदगी को लेकर उठाए गए सवालों पर अब संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।