पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक खास परिवार का पक्ष लेकर SGPC ने अपनी ही प्रतिष्ठा और शान को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार का पद सिख पंथ के लिए अत्यंत उच्च, गंभीर और सम्माननीय है, लेकिन दुर्भाग्य से इस संस्था का दुरुपयोग राजनीतिक स्वार्थों के लिए किया जा रहा है।
स्पीकर संधवां ने कहा कि SGPC आज एक ऐसे परिवार के पूर्ण नियंत्रण में है, जो इसे अपने निजी और राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इसका सीधा नुकसान SGPC की साख और सिख पंथ की मर्यादाओं को हो रहा है।
उन्होंने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज साहिब से अपील करते हुए कहा कि वे श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष अपने अपराध स्वीकार कर चुके परिवार की रक्षा न करें। उन्होंने कहा कि जत्थेदार साहिब को किसी व्यक्ति या परिवार विशेष के बजाय पूरे पंथ के हित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
स्पीकर संधवां ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता 328 स्वरूपों के मामले में दोषियों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, बल्कि पंथिक परंपराओं के अनुसार भी सख़्त कदम उठाए जाने जरूरी हैं। उन्होंने इस संदर्भ में जत्थेदार अकाली फूला सिंह जी की निडर और सिद्धांतवादी भूमिका को याद करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सिख इतिहास गवाह है कि जब-जब पंथ और उसके सर्वोच्च संस्थानों की गरिमा पर सवाल खड़े हुए हैं, तब मजबूत और निर्भीक नेतृत्व ने ही पंथ को सही दिशा दिखाई है। आज भी उसी साहसिक दृष्टिकोण और निष्पक्ष फैसलों की आवश्यकता है।