पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अमन अरोड़ा ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा संगरूर की धरती और ‘आप’ को दीमक बताने वाली टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। अरोड़ा ने कहा कि बाजवा साहब को ‘जुबान का रोग’ हो गया है, जिसके कारण उन्हें यह समझ नहीं आता कि सार्वजनिक मंच पर क्या और कैसे बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजवा का यह बयान उनकी हताशा और पंजाब की जनता के प्रति उनकी नफरत को दर्शाता है।
अमन अरोड़ा ने बाजवा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिस धरती को वह ‘दीमक’ से जोड़ रहे हैं, वह शहीद उधम सिंह जैसे महान योद्धाओं, संत बाबा अतर सिंह जी जैसे विद्वानों और संत सेवा सिंह ठीकरीवाला व कूका लहर को जन्म देने वाली पावन धरती है। इस पवित्र मिट्टी का अपमान कर बाजवा ने न केवल संगरूर नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इसके लिए उन्हें पंजाब की जनता से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
2027 में सरकार बनाने के बाजवा के दावों को ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ करार देते हुए अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेता गलतफहमी में जी रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछली बार तो कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई थी, लेकिन 2027 के चुनाव में इनके लिए 2 सीटें बचाना भी मुश्किल हो जाएगा। पंजाब की जनता भली-भांति जानती है कि राज्य की खुशहाली का रास्ता केवल आम आदमी पार्टी के पास है।
अमन अरोड़ा ने दावा किया कि संगरूर वही जगह है जहां से कांग्रेस के पतन की शुरुआत हुई थी और हाशिए पर पहुंची थी। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 के विधानसभा चुनावों में पंजाब की जागरूक जनता कांग्रेस का पूरी तरह से सूपड़ा साफ कर देगी और इनके अहंकारी बयानों का जवाब वोट की चोट से देगी।