सिख समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और अहम फैसला सामने आया है। अब सिक्किम में सिख जोड़े अपने विवाहों को ‘आनंद कारज एक्ट 1909’ के तहत आधिकारिक तौर पर रजिस्टर करवा सकेंगे। केंद्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह कानून 1 जून 2026 से सिक्किम राज्य में लागू हो जाएगा।
इस फैसले से सिक्किम में रहने वाले सिख परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब तक उन्हें अपने विवाह ‘हिंदू मैरिज एक्ट 1955’ के तहत रजिस्टर करवाने पड़ते थे। राज्य में आनंद कारज एक्ट के लिए अलग कानूनी व्यवस्था न होने के कारण सिख जोड़ों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।
सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक अहम फैसले के दौरान केंद्र और सिक्किम सरकार को इस मामले में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सिक्किम सरकार ने ‘सिक्किम आनंद मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 2026’ तैयार कर नोटिफाई किए, जिससे इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई।
केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा 14 मई 2026 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 1 जून 2026 से आनंद मैरिज एक्ट 1909 के सभी प्रावधान सिक्किम में लागू हो जाएंगे। इसके बाद सिख जोड़े अपने पारंपरिक ‘आनंद कारज’ समारोह के तहत हुए विवाहों को सीधे कानूनी मान्यता के साथ रजिस्टर करवा सकेंगे।
इस कदम को सिख धार्मिक परंपराओं और पहचान को कानूनी मान्यता देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। सिख संगठनों और समुदाय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सिख अस्मिता और धार्मिक अधिकारों की जीत बताया है।