पंजाब के औद्योगिक विकास और बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य के उद्योग जगत में एक नया अध्याय जोड़ते हुए प्रसिद्ध ‘जोगिंद्रा ग्रुप’ ने पंजाब में 1,100 करोड़ रुपये के रणनीतिक निवेश का शानदार ऐलान किया है. यह भारी-भरकम निवेश सूबे के स्टील उद्योग और ग्रीन (नवीकरणीय) ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर बदलकर रख देगा.
पंजाब के उद्योग और वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने इस बड़े कदम की जानकारी देते हुए बताया कि यह निवेश पंजाब की प्रगतिशील नीतियों और कारोबार के अनुकूल (Ease of Doing Business) माहौल पर निवेशकों के बढ़ते भरोसे की मुहर है.
स्टील और ग्रीन एनर्जी में बंपर निवेश
मंत्री संजीव अरोड़ा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जोगिंद्रा ग्रुप इस 1,100 करोड़ रुपये के मेगा-प्रोजेक्ट के तहत 700 करोड़ रुपये सीधे स्टील क्षेत्र में लगाएगा. यह निवेश मुख्य रूप से ‘जोगिंद्रा कास्टिंग्स’ और ‘वर्धमान आदर्श’ के जरिए किया जाएगा. इसके साथ ही, भविष्य की जरूरतों और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ‘जोगिंद्रा ग्रीन इंडिया’ के माध्यम से नवीकरणीय (ग्रीन) ऊर्जा क्षेत्र में भी 400 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा.
रोजगार की होगी बरसात, बढ़ेगा टर्नओवर
इस विस्तार के फायदों को रेखांकित करते हुए संजीव अरोड़ा ने बताया कि इससे राज्य में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे. कंपनी का वर्तमान टर्नओवर 3,000 करोड़ रुपये से उछलकर 5,000 करोड़ रुपये तक पहुँचने की उम्मीद है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के बाद कर्मचारियों की संख्या 1,800 से बढ़कर 3,000 हो जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा. इसके अलावा, ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 37 मेगावाट से कई गुना बढ़कर 120 मेगावाट हो जाएगी.
मंडी गोबिंदगढ़ बनेगा विकास का मुख्य केंद्र
साल 1992 में स्थापित जोगिंद्रा ग्रुप (जिसकी कमान सीएमडी आदर्श गर्ग, और डायरेक्टर संजय गुप्ता व निमित गुप्ता के हाथों में है) उत्तरी भारत का प्रमुख औद्योगिक समूह है. क्षेत्रीय प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री अरोड़ा ने कहा कि मंडी गोबिंदगढ़ हमेशा से पंजाब के स्टील उद्योग की रीढ़ रहा है. भगवंत मान सरकार के कुशल नेतृत्व में गोबिंदगढ़ नए निवेश, आधुनिकीकरण और अधिक कुशल उत्पादन के साथ अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है. यह निवेश मंडी गोबिंदगढ़ को एक बार फिर पंजाब की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का ‘पावरहाउस’ बना देगा.