पंजाब सरकार ग्रामीण सहकारी समितियों से जुड़े उन किसानों को राहत देने की तैयारी कर रही है, जो समय पर फसली ऋण नहीं चुका पाने के कारण नए कर्ज़ से वंचित हो जाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐसे किसानों को राहत देने के लिए एक विशेष योजना तैयार करवाई है, ताकि उन्हें दोबारा फसली ऋण लेने में सुविधा मिल सके।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान जल्द ही इस योजना का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसकी घोषणा किसी भी समय की जा सकती है।
गौरतलब है कि सहकारी बैंक किसानों को प्रत्येक सीजन में प्रति एकड़ करीब 25 हजार रुपये तक का फसली ऋण खाद, बीज और अन्य कृषि जरूरतों के लिए उपलब्ध कराते हैं। किसानों को फसल कटाई के बाद यह ऋण वापस करना होता है, लेकिन कई बार आर्थिक परेशानियों या फसल नुकसान के कारण कुछ किसान समय पर भुगतान नहीं कर पाते।
ऐसे किसानों को अगली फसल के लिए नया ऋण मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब राज्य सरकार इस व्यवस्था को आसान बनाने और किसानों को राहत देने के लिए नई नीति लागू करने पर विचार कर रही है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों को खेती के लिए समय पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी और उनकी आर्थिक परेशानियां भी कम होंगी।