पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के जाने को लेकर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को पहली बार हरियाणा के पेहोवा में अपने ससुराल गए. उनके साथ उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर और उनकी दो साल की बेटी नियामत कौर भी थीं.
शादी के 3 साल 9 महीने बाद रस्में निभाने पहुंचे CM
CM मान रविवार को रस्में निभाने अपने ससुराल गए
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, CM मान रविवार को विशेष रूप से शादी के बाद की पारंपरिक रस्में निभाने अपने ससुराल गए थे. हालांकि वह पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान पेहोवा आ चुके थे, लेकिन इस मौके से पहले वह कभी अपने ससुराल नहीं गए थे. वह अगस्त 2024 में AAP की एक रैली के दौरान भी इस इलाके में आए थे. रविवार को उनके आने की उम्मीद में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. सेंट्रल बैंक के पास वाली गली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे.
युवक ने CM के साथ ली सेल्फी
जब CM मान जाने की तैयारी कर रहे थे, तो एक युवक ने दूर से उन्हें आवाज दी, “मान साहब, मैं आपके साथ एक फोटो लेना चाहता हूं.” हालांकि उनके सुरक्षाकर्मियों ने शुरू में उस युवक को रोक दिया था, लेकिन मान ने उसे अपने पास बुलाया और उसके साथ एक सेल्फी खिंचवाई.
CM के दौरे के लिए खास तौर पर घर का मरम्मत का काम
CM मान की पत्नी गुरप्रीत कौर का पैतृक गांव मदनपुर है. हालांकि, उनका परिवार काफी समय पहले ही पेहोवा में बस गया था. शादी के बाद, परिवार चंडीगढ़ चला गया, जिससे पेहोवा वाला घर लंबे समय तक खाली पड़ा रहा. मुख्यमंत्री के दौरे का कार्यक्रम तय होने के बाद ही आवास में मरम्मत का काम शुरू किया गया.
CM मान पेहोवा से अपनी पत्नी के पैतृक गांव, मदनपुर के लिए रवाना
CM मान लगभग 15 से 20 मिनट पहले पेहोवा से अपनी पत्नी के पैतृक गांव, मदनपुर के लिए रवाना हुए. यहां उन्होंने अपने ससुर के भाई (चाचा-ससुर), हरपाल सिंह के परिवार से मुलाक़ात की. हरपाल सिंह का कुछ समय पहले ही निधन हो गया था. वे मदनपुर गांव में लगभग आधे घंटे तक रुके और परिवार से मिलने के बाद चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए.