नशा मुक्त Punjab के लक्ष्य की ओर बढ़ी भगवंत मान सरकार, ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण शुरू

पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी मुहिम युद्ध नशा विरुद्ध लगातार सख्ती के साथ आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में आज (बुधवार को) जालंधर में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे।

पहले चरण में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारों तस्करों की गिरफ्तारी, भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी और करोड़ों रुपए की ड्रग मनी जब्त की गई है। सरकार का दावा है कि इस अभियान के जरिए पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।

पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई युद्ध नशा विरुद्ध मुहिम को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य न सिर्फ नशा तस्करों पर शिकंजा कसना है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालकर एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना भी है।

43 हजार नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए

आज जालंधर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मुहिम के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत करेंगे।

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, युद्ध नशा विरुद्ध अभियान के पहले चरण में पुलिस और अन्य एजेंसियों ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान 1,859 किलो हेरोइन बरामद की गई, जो नशा तस्करी के नेटवर्क पर करारी चोट मानी जा रही है। इसके साथ ही 43 हजार से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे यह साफ होता है कि सरकार ने बड़े और छोटे सभी स्तर के अपराधियों पर कार्रवाई की है।

पहले चरण में 26 हजार 978 केस दर्ज हुए

पहले चरण में कुल 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं, जो नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती हैं। इसके अलावा करीब 15.32 करोड़ रुपए की ड्रग मनी भी जब्त की गई है। सरकार का कहना है कि यह पैसा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित किया गया था और इसे जब्त कर नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ दी गई है। भारी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए हैं, जिससे कई बड़े नेटवर्क उजागर हुए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। दूसरे चरण में नशा रोकथाम के साथ-साथ नशा मुक्ति, पुनर्वास और जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और गांव-स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सके।

वहीं, अरविंद केजरीवाल ने भी पंजाब सरकार की इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा है कि नशा पंजाब की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहा है और आम आदमी पार्टी की सरकार इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का दावा है कि ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण में और अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *