आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की एकजुट भागीदारी बेहद जरूरी है।
जालंधर में चार जिलों के ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में जाकर नशा बेचने वालों की जानकारी इकट्ठा करनी होगी, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच और भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।
सिसोदिया ने कहा कि जहां एक ओर नशे के आदी लोगों को इलाज और पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में लाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध करने से पहले सोचे।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और कोऑर्डिनेटरों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस अभियान को एक सामान्य कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि एक “युद्ध” की तरह लिया जाए और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जिला स्तर पर और अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि सख्त कार्रवाई के कारण कई तस्कर या तो जेल में हैं या राज्य छोड़ चुके हैं, और भविष्य में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।
बैठक में कई विधायक, हल्का इंचार्ज, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हुए, जिन्होंने नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।